Wednesday, November 7, 2018

विंध्याचल में तेजप्रताप यादव की ओर से कराया जा रहा यज्ञ

आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजप्रताप यादव पत्नी ऐश्वर्या से तलाक की याचिका दाखिल करने के बाद से पटना नहीं लौटे हैं। वहीं उनकी ओर से विंध्याचल में यज्ञ कराया जा रहा है। विंध्याचल में लालू यादव के पुरोहित राज मिश्र ने बताया कि दो दिन पहले तेज प्रताप ने फ़ोन से बात कर मां के दरबार में ग्रहों की शांति के लिए पूजा कराने की बात कही थी।

पुरोहित राज मिश्र ने कहा कि तेजप्रताप ने अपने कपड़े भेज दिया है। उसी को अभिमंत्रित कर सप्तशती का पाठ कराया जा रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि शत्रुहंता यज्ञ कराया जा रहा है। 

तलाक की अर्जी देने के बाद इस वजह से पटना नहीं लौटे तेजप्रताप

उल्लेखनीय है कि पत्नी ऐश्वर्या से तलाक के लिए कोर्ट में अर्जी देने वाले तेजप्रताप इन दिनों विशेष चर्चाओं में हैं। पिता लालू यादव से रांची स्थित रिम्स से मिलकर निकले तेजप्रताप के अचानक किसी धर्मस्थल पर चले जाने की संभावना जताई जा रही है। पहले वृंदावन, फिर काशी और अब मिर्जापुर के विंध्य धाम में होने की चर्चाएं हैं। तीन चार दिनों से तेज से टेलीफोनिक संपर्क न हो पाने से चर्चाएं सरगर्म हैं।

लालू से मिलने के बाद अबतक घर नहीं लौटे तेजप्रताप, नहीं उठा रहे फोन

तेजप्रताप ने कहा, मैं गायब नहीं :
सोमवार को बोधगया से रवाना होने के बाद से इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है कि तेज प्रताप कहां हैं। हालांकि तेज ने एक न्यूज पोर्टल से फोन पर बातचीत में दावा किया कि मैं गायब नहीं हुआ हूं। बनारस में हूं। उन्होंने वहां बाबा विश्वनाथ के दर्शन की भी इच्छा जतायी। हालांकि उनके मंदिर जाने की पुष्टि नहीं हुई। यह पूछने पर कि मीडिया में आपको गायब बताया जा रहा है, तेजप्रताप ने आरोप लगाया कि मीडिया ही गायब हो चुकी है। उन्होंने कहा कि क्या कोई कहीं जाता है तो किसी को बताकर जाता है। बताया जाता है कि श्री यादव लगातार अपने ठिकाने को छिपा रहे हैं, ताकि परिवार वाले उन पर समझाने के लिए दबाव न बना सकें। तेजप्रताप के इस रुख से सुलह की राहें मुश्किल होती जा रही हैं।

पापा लालू प्रसाद से मिलकर पटना जाते वक्त तेजप्रताप की बिगड़ी तबीयत

तेजस्वी गए चंद्रिका राय के घर :
लालू परिवार की ओर से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव व मां राबड़ी देवी लगातार ऐश्वर्या के पिता चंद्रिका राय व उनके परिवार से संपर्क बनाए हुए हैं। इसी क्रम में तेजस्वी चंद्रिका राय से मिलने उनके बेली रोड स्थित आवास पर भी गए। दोनों परिवार इस बात को लेकर उम्मीद बांधे हुए है कि तेजप्रताप का गुस्सा शांत होते ही सब कुछ ठीक हो जाएगा।

Monday, November 5, 2018

दिवाली से पहले ही दिल्ली में प्रदूषण का लेवल हुआ खतरनाक

आज छोटी दिवाली है, लेकिन दिल्ली की हवा में प्रदूषण इतना बढ़ गया है सांस लेना मुहाल हो गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की दिशा बदलने और पड़ोसी राज्यों में भारी मात्रा में पराली जलाए जाने से दिल्ली की हवा बेहद खराब हो गई है. अगर दिवाली में लोग पटाखे जलाने लगे तो समस्या और बड़ी हो जाएगी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने रात 8 से 10 का समय तय करने के साथ ही ग्रीन पटाखे जलाने का आदेश जारी कर रखा है. 

सोमवार को एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 418 दर्ज किया गया. एक दिन पहले यह 171 पर था. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार दिल्लीवासियों के लिए रविवार का दिन पिछले 3 सप्ताह में सबसे साफ था. इस मौसम में पहली बार एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 30 अक्टूबर को गंभीर स्तर पर चला गया था.

सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार पीएम 2.5 और पीएम 10 क्रमश: 361 और 500 की बेहद खराब और आपात स्थिति की श्रेणी में पहुंच गया है.

गौरतलब है कि सूचकांक शून्य से 50 तक होने पर हवा को ‘अच्छा’, 51 से 100 होने पर ’संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘सामान्य’, 201 से 300 से ‘खराब’, 301 से 400 तक ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है.

सोमवार को पीएम2.5 (हवा में 2.5 माइक्रोमीटर से भी कम मोटाई वाले कणों की मौजूदगी) का स्तर 268 दर्ज किया गया जबकि पीएम10 (हवा में 10 माइक्रोमीटर से भी कम मोटाई वाले कणों की मौजूदगी) का स्तर 391 दर्ज किया गया.

प्रदूषण अचानक से बढ़ने के पीछे अधिकारियों ने हवा की दिशा में बदलाव को बताया है. यह हवा पश्चिमोत्तर क्षेत्र से उत्तर की ओर बह रही है और पड़ोसी राज्यों से पराली जलने से उठाने वाले धुएं और धूल को ला रही है.

एयर क्वॉलिटी पर नजर रखने वाले संस्थान के अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान 24 प्रतिशत है।

अधिकारियों ने प्रदूषण से निपटने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं, खुदाई समेत सभी निर्माण गतिविधियों पर रोक है. दिल्ली तथा एनसीआर के अन्य जिलों में सिविल निर्माण गतिविधियां रोक दी गई हैं.

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने परिवहन विभाग और यातायात पुलिस को वाहनों की प्रदूषण जांच को तेज करने को कहा है. इसके साथ ही 1 से 10 नवंबर के दौरान यातायात की भीड़ को नियंत्रित करने के निर्देश दिए हैं.

एक से 10 नवंबर तक ‘स्वच्छ हवा अभियान’ भी शुरू किया गया है ताकि प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जाए और उनकी रिपोर्ट की जाए.

इस अभियान के तहत प्रदूषण से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने पर लोगों पर पिछले तीन दिनों में 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना लगाया जा चुका है. दिवाली के मद्देनजर शहर में प्रदूषण की स्थिति और बदतर हो सकती है.

इन तरीकों से रखें अपना ख्याल

मास्क लगाएं

अगर बाहर निकलने में आपको तकलीफ होती है तो अच्छी क्वॉलिटी का मास्क लगाकर ही घर से निकलें. पटाखे जलाने और इसके शोर से दूर रहने की कोशिश करें. अगर जलाने का मन ही हो तो ग्रीन पटाखे जलाएं, बच्चों को पटाखों से दूर रखें.

आंखों को बचाएं 

आंखों में ड्राइनेस, रेडनेस, सेंसि‍टिविटी आदि आती है तो फौरन किसी अच्छे नेत्र चिकित्सक से संपर्क करें. आंखें गंदे हाथों से न छुएं, हाथ से आंखें न खुजलाएं. सनग्लास लगाएं. आई मेकअप से दूर रहें, अगर जलन होती है तो आंखों को बार-बार पानी से धोएं.